वर्तमान में जीने की कला – जीवन जीने का तरीका 😃

वर्तमान ही वो समय है जहां हम वास्तव में रहते हैं। लेकिन अधिकांश लोगों का समय तो भविष्य और भूत की बातों में ही चला जाता है। इस से ना सिर्फ उनके वर्तमान में असर पड़ता है, बल्कि भविष्य भी प्रभावित होता है। इस लिए वर्तमान में जीने की कला को सीखना बहुत आवश्यक है।

वर्तमान में जीना सीखने का सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि आपकी चिंताएं दूर हो जाती है और जीवन निखर जाता है। आप अपने साथ साथ अपने दोस्तों, और परिवार को भी खुश कर देते हैं।

आइए जानते हैं, पीटर की कहानी जिसने जीवन जीने का तरीका सीखा।

पीटर एक छोटा सा लड़का था जो रोज स्कूल जाता था। उसकी समस्या ये थी कि उसे वर्तमान में जीने में मज़ा नहीं आता था और वो अक्सर भविष्य के सपनों में खोया रहता था।

एक दिन वो जब अपने स्कूल के पास के जंगल में घूमने गया तो उसने देखा, एक बूढ़ी औरत उसको आवाज़ दे रही है। उसको काफी हैरानी हुई और डर भी लगा। लेकिन बूढ़ी माई की प्यारी आवाज़ सुन कर वो उसके पास चला गया।

उसने पीटर को एक गोला दिया जिसमें एक रस्सी बंधी थी। बुढ़िया ने उससे कहा कि

“ये समय का यंत्र है। इस रस्सी को तुम जितना जोर से खींचोगे, तुम उतना ही समय में आगे बढ़ जाओगे”

अगर तुम थोड़ा सा खींचोगे तो एक घंटा और जोर से एक महीना और साल भी।

पीटर को समय यंत्र देते हुए बुढ़िया ने उसको बहुत ध्यान से उपयोग करने के लिए कहा।

पीटर बहुत खुश हुआ। उसको अपना मनपसंद यंत्र मिल गया था।

अगली बार जब पीटर कक्षा में बैठा बोर हो रहा था तो उसने यंत्र की रस्सी खींची। पलक झपकते ही वह ग्राउंड में खेल रहा था।

कुछ ही दिनों में वो अपने स्कूल और बचपन से बारे हो गया। और रस्सी खींच कर बड़ा हो गया।

लेकिन ये क्या? उसे तो अच्छा ही नहीं लग था था। पीटर ने फिर एक बार रस्सी खींच दी।

अब उसके काले बाल सफेद हो कर गिर चुके थे। उसके दांत नहीं बचे थे और वो कमजोर हो चुका था।

पहली बार उसे जीवन में ये अहसास हुआ कि उसने एक बड़ी गलती कर दी है। उसने एक एक क्षण को जीने की बजाए भागने में अपना पूरा समय बिता दिया है।

तो ये कहानी हमें जीवन जीने का अच्छा तरीका बताती है। हमारे आस पास बहुत से पीटर हैं जो जीने का तरीका नहीं समझ पाते और अपना पूरा जीवन सोचते हुए ही बिता देते हैं।

तो ये तो थी पीटर की कहानी। अपनी कहानी कमेंट में हमें बताइए।

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वर्तमान ही वो समय है जहां हम वास्तव में रहते हैं। लेकिन अधिकांश लोगों का समय तो भविष्य और भूत की बातों में ही चला जाता है। आइए जानते हैं, पीटर की कहानी जिसने जीवन जीने का तरीका सीखा।
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JoHaiSoHai

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