Jo Hai So Hai – Mantra

कानों में गूंजता है,

रगों में दौड़ता है।
बाहर से भींचता है,

अंदर से खींचता है।

तू है जो स्वीकार कर
तू अपना अभिमान कर

अपनी तलाश है, अपना संघर्ष है
अपना ही समय है, अपना संवर्त है।

जो साथ है, तो साथ चल।
जो है खड़ा तो रह खड़ा

शांति रख, भ्रांति रख
भूख रख, प्यास रख।
बस इतना याद रख

जो भी है, जैसा है
जो है सो है।

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